स्वप्न के धरातल पर चाहे जितने कंकड आयें..
मुझे बस चलते जाना है..
सुना है कहीं दूर, इसी राह पर परियों से सामना होता है...
मुझे बस चलते जाना है....
copyright-गूंज झाझारिया
copyright-गूंज झाझारिया
लेबल: दुनिया के रंग
प्रेम के जहाँज पर सवार होकर उड़ने वाली एक लड़की की डायरी।
लेबल: दुनिया के रंग
0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ